तुलसीदल तोड़नेके मन्त्र | Tulasi Patta todne ka mantra |


 तुलसीदल तोड़नेके मन्त्र 

जब भी हम तुलसी पत्र तोड़े उससे पहले सदैव 
तुलसीमाता को वंदन करके सबसे 
पहले इस श्लोक से प्रार्थना करे उसके 
पश्चात तुलसी का पत्ता तोड़े।

 तुलसीदल तोड़नेके मन्त्र 



तुलस्यमृतजन्मासि सदा त्वं केशवप्रिया |
चिनोमि केशवास्यर्थे वरदा भव शोभने ||
त्वदङ्ग सम्भवैः पत्रैः पूजयामि यथा हरिम् |
तथा कुरु पवित्राङ्गि कलौ मलविनाशिनि ||

|| अस्तु || 
karmkandbyanandpathak

नमस्ते मेरा नाम आनंद कुमार हर्षद भाई पाठक है । मैंने संस्कृत पाठशाला में अभ्यास कर (B.A-M.A) शास्त्री - आचार्य की पदवी प्राप्त की हुईं है । ।। मेरा परिचय ।। आनंद पाठक (आचार्य) ( साहित्याचार्य ) ब्रह्मरत्न अवार्ड विजेता (2015) B.a-M.a ( शास्त्री - आचार्य ) कर्मकांड भूषण - कर्मकांड विशारद ज्योतिष भूषण - ज्योतिष विशारद

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