द्वादशज्योतिर्लिङ्गानि | Dhwadashjyotilingani |


 द्वादशज्योतिर्लिङ्गानि

द्वादशज्योतिर्लिङ्गानि 


१. सौराष्ट्र प्रदेश में श्री सोमनाथ
२. श्री शैल पर श्री मल्लिकार्जुन
३. उज्जयिनी में श्री महाकाल
४. ॐ कारेश्वर अथवा अमलेश्वर
५. परली में वैद्यनाथ
६. डाकिनी नामक स्थान में श्री भीमशङ्कर
७. सेतुबन्द पर श्री रामेश्वर
८. दारुकावन में श्री नागेश्वर
९. वाराणसी में श्री विश्वनाथ
१०. गौतमी के तटपर श्री त्र्यम्बकेश्वर
११. हिमालय पर केदारखण्ड में श्री केदारनाथ और
१२. शिवालय में श्री धुश्मेश्वरको स्मरण करे

जो मनुष्य प्रतिदिन प्रातःकाल और
सन्ध्याके समय इन बारह ज्योतिर्लिङ्गोका नाम लेता है,
उसके सात जन्मोंका किया हुआ पाप
इन लिङ्गोके स्मरणमात्रसे मिट जाता है |

|| अस्तु ||
karmkandbyanandpathak

नमस्ते मेरा नाम आनंद कुमार हर्षद भाई पाठक है । मैंने संस्कृत पाठशाला में अभ्यास कर (B.A-M.A) शास्त्री - आचार्य की पदवी प्राप्त की हुईं है । ।। मेरा परिचय ।। आनंद पाठक (आचार्य) ( साहित्याचार्य ) ब्रह्मरत्न अवार्ड विजेता (2015) B.a-M.a ( शास्त्री - आचार्य ) कर्मकांड भूषण - कर्मकांड विशारद ज्योतिष भूषण - ज्योतिष विशारद

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