चैत्र मास
चैत्रमासो हि सकलः सीताराघवदैवतः |
यद्यतकर्म हि तत्सर्वं तमुद्दिश्य चरेन्नरः ||
सम्पूर्ण चैत्र मास के देवता भगवान श्री सीता राम ही हैं |
इसलिए इस समय जो कुछ भी कार्य जप, तप, स्नान, दान, पूजा पाठ आदि करे,
वह सब उन्हीं युगल प्रभु के उद्देश्य से करें |
रामचरितमानस के दोहे और चौपाई अमोघ हैं |
चैत्र मास में इस का महत्व और बढ़ जाता है क्योंकि चैत्र मास के अधिष्ठात्र देवता श्री राम और माता जानकी हैं |
इस दोहे से सुंदरकांड का सम्पुटित पाठ करें,
ये भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति देने वाला दोहा है |
सभी मनोकामनाएं सिद्ध करने वाले इस दोहे का जाप करना भी श्रेष्ठ हैं |
|| अस्तु ||
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